प्रेम के बिना मानव जीवन का कोई अर्थ नहीं होता। प्रेम और भक्ति में जब समर्पण की भावना जुड़ जाती है तब एक शक्ति का निर्माण होता है। जीवन के लिए संजीवनी है प्रेम। क्योंकि प्रेम परमात्मा की एक अनुपम देन है। मनुष्य को परमात्मा ने अनेक प्रकार की विशिष्टताओं से युक्त बनाया है। उसमें सबसे बड़ी विशिष्टता यह डाली है कि मनुष्य किसी को भी प्रेम करके अपना बना सकता है। सच पूछिए तो प्रेम के माध्यम से हिंसक जन्तुओं पर काबू पाने की घटनाएं तो देखी ही जाती हैं किंतु पत्थर से भी परमात्मा को प्रकट कर लेने के अनेक उदाहरण इतिहास में मौजूद हैं। प्रेम भरा व्यवहार हमें लोगों से जोड़ता है। जबकि नफरत करने से अपने सगे भी दुश्मन की तरह पेश आने लगते हैं। इसलिए प्रेम को सबसे सुन्दर हथियार बताया गया है , जिसके द्वारा सबको आसानी से अपने वश में किया जा सकता है। इसलिए रात को जब हम सोने जा रहे हैं तब मन ही-मन ईश्वर को याद करें और जो भी बात हमारे मन में हो , उसे अपनी आत्मा की आवाज में उनसे प्रेम पूर्वक कह डालें। इससे हमारा ईश्वर के साथ सीधा वार्तालाप करने का मार्ग खुल जाता है। ईश्वर तो पहले से ही जानते हैं , लेकिन उनके साम...
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